EK VIVAH AISA BHI 16/07/2010


पटना, नगर संवाददाता : वाकई शुक्रवार का दिन न जाने कितने ही लोगों के लिए यादगार बन गया। अलग-अलग रिक्शों पर 51 दूल्हे लेकिन मकसद बस एक-एक विवाह ऐसा भी को खूबसूरती से अंजाम देकर समाज में मिसाल कायम करना। न कोई मांग न कोई दहेज, न कोई फरमाइश और न कोई लेन-देन। करना था तो केवल विवाह और एक-दूसरे से आजीवन साथ निभाने का वादा। दरअसल मां वैष्णो देवी सेवा समिति के बैनर तले 51 जोडि़यों का आज सामूहिक विवाह कराया जाना था। विवाह स्थल श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल चुना गया था। एक तरफ मशहूर गायिका मालिनी अवस्थी के लोकगीत और दूसरी तरफ विभिन्न जोडि़यों का परिणय-सूत्र में बंधते जाना। सुबह पांच बजे से ही महाराणा प्रताप भवन में जमावड़ा लगना शुरू हो गया था, दोपहर मेहंदी की रस्म भी अदा की गयी। दुल्हनों को ब्यूटिशियन्स ने सजाया और इसके बाद उन्हें श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल भेज दिया गया। शाम पांच बजे से ही सड़कों का हाल देखने लायक था जब महाराणा प्रताप भवन से 51 दूल्हे गुलाबी कुर्ते और सफेद पाजामे में नागरा जूते पहने निकले। एक तो रिक्शा और उस पर बैंड-बाजे का साथ, मानो आकर्षण का केन्द्र बना रहा। यही नहीं, खुद रिक्शे वाले भी सफेद टी-शर्ट और पीली टोपी में विवाह के जश्न में शामिल हो रहे थे। रास्ते भर यही सिलसिला चला और लोगों के इन दूल्हों को देखने के क्रम में जाम भी लगती रही। विवाह स्थल पहुंचने पर सबसे पहले मंत्रोच्चारण के साथ वरमाला किया गया। सहकारिता मंत्री गिरिराज सिंह की शुभकामनाओं के साथ वरमाला किया गया। साथ ही श्री सिंह के हाथों भोजपुरी अभिनेता कुणाल सिंह, लेखक अमित झा, इवेंट मैनेजमेंट अमित गुप्ता, रंगकर्मी संजय उपाध्याय और ज्ञान-विज्ञान के लिए शरद विवेक सागर को सम्मानित किया गया। सम्पूर्ण विवाह को प्रवेश त्रिपाठी, ज्योतिष आचार्य, काशी विश्र्वनाथ मंदिर, वाराणसी के नेतृत्व में अन्य 51 पंडितों के साथ सम्पन्न कराया गया। मौके पर मालिनी अवस्थी के पारम्परिक गीतों ने मौके को और भी खास बना दिया।
0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home